ईको फ्रेंडली हो कोटा का दशहरा मेला, सामूहिक प्रयास जरूरीः नकाते

कोटा का दशहरा मेला देश-विदेश में अपनी अलग पहचान कायम करे और यहां पर्यटन को बढ़ावा मिले इसके लिए मेले में सफाई व्यवस्था अच्छी हो ओर मेला ईको फ्रेंडली बन सके, इसके लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है। आज मिलकर मेहनत करेंगे तो आगामी मेले में इसके सकारात्मक परिणाम जरूर दिखेंगे।
यह बात नगर निगम आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते ने कहीं। वे शुक्रवार को नगर निगम परिसर के ए ब्लॉक में स्वच्छ कोटा मिशन 2018 के तहत मेला व्यापारियों के साथ हुई बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेले में इस बार सफाई व्यवस्था व अतिक्रमण न हो इस पर विशेष फोकस है। इसके लिए सभी व्यापारियों से भी सहयोग अपेक्षित है। इधर-उधर कचरा व पॉलीथिन फेंकने से बीमारियों के साथ-साथ गायों को भी नुकसान होता है जिसे रोकना होगा। बैठक में मेला व्यापारियों ने रात 12 बजे से पहले ही पुलिस द्वारा जबरन दुकाने बंद करवा देने, डस्टबीन नहीं मिलने, असामाजिक तत्वों से निजात दिलवाने जैसी समस्याएं भी रखी। इस पर आयुक्त नकाते ने कहा कि पुलिस प्रशासन से इस मामले में बात कर हल निकाला जाएगा। रही बात ठेले व खोमचे वालों द्वारा गंदगी फैलाने की तो उनकों भी निगम प्रशासन द्वारा डस्टबीन उपलब्ध करवाए जा रहे है। मेला सबका है और यहां छोटे व्यापारियों को भी रोजगार मिलता है तो इसमें उनको सहयोग करना चाहिए। नकाते ने कहा कि निगम प्रशासन द्वारा पहले समझाइश की जाएगी और बाद में जो नहीं मानता है उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

बैठक में प्रोजेक्टर के माध्यम से कचरा निस्तारण का तरीका भी बताया गया। इस मौके पर निगम उपायुक्त व मेला अधिकारी राजेंद्र सिंह चारण, उपायुक्त राजेश डागा, राजस्व निरीक्षक विजय अग्निहोत्री, झूला मार्केट, हलवाई मार्केट, सोफ्टी मार्केट, बाजार नंबर एक, दो, फूडकोर्ट बाजार के व्यापारी मौजूद थे। व्यापारी सुनील वैष्णव ने कहा कि सभी व्यापारी भी चाहते है कि कोटा का मेला साफ सुथरा रहे और यह मेला ईको फ्रेंडली बने और लोगों का रूझान बढे़े इसके लिए निगम प्रशासन को हर संभव मदद करेंगे।

कॉल करते ही एक घंटे में आएंगे कचरा उठाने

निगम आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते ने कहा कि मेले में हर दुकान पर दो डस्टबीन रखने के लिए देंगे। एक में सूखा व दूसरे में गीला कचरा होगा। गोबी के छिलके आदि वेस्ट जिसे गाये खा सके उन्हें किशोरपुरा गोशाला पहंुचाया जाएगा, ताकि गायों को पौष्टिक आहार मिल सके और कचरे का भी समाधान हो। हर छह घंटे में कचरा वाहन मौके पर पहंुचेगा और कचरा संग्रह करेगा। अगर किसी दुकान पर छह घंटे से पहले ही कचरा पात्र भर जाए तो वह कॉल करके सूचना देगा तो एक घंटे की अवधि में कचरा वाहन कचरा लेने पहंुच जाएंगा। मेला प्रदर्शनी में भी इसके लिए विशेष जानकारी प्रदर्शित की जा रही है।

मेले में जल्द ही हर दुकान पर दो तरह के डस्टबीन उपलब्ध करवाएंगे। सभी के सहयोग से मेला साफ-सुथरा और ईको फ्रेंडली हो इसके लिए हर संभव प्रयास जारी है। – सुनीता व्यास, उप महापौर, नगर निगम, कोटा

– मीडिया पॉइंट


दशहरा मेले से हर 6 घंटे में उठेगा कचरा

मेले में साफ-सफाई होगी तो पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटक अधिक आएंगे तो इसकी पहचान देश-विदेश में बढ़ेगी। सफाई रखने का जिम्मा जितना नगर निगम का है उतना ही व्यापारियों का भी है। दोनों यदि सामूहिक प्रयास करें तो सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। यह बात निगम आयुक्त शिवप्रसाद एम नकाते ने शुक्रवार को मेला व्यापारियों के साथ हुई बैठक में कही। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा मेले में हर दुकान पर दो डस्टबिन रखने के लिए देंगे। एक में सूखा दूसरे में गीला कचरा होगा। खाद्य पदार्थों के वेस्ट को किशोरपुरा कायन हाउस पहुंचाया जाएगा। हर छह घंटे में कचरा वाहन मौके पर पहुंचेगा और कचरा एकत्रित करेगा। अगर किसी दुकान पर छह घंटे से पहले ही कचरा पात्र भर जाए तो वह कॉल करें, एक घंटे के भीतर वाहन कचरा लेने पहुंच जाएगा।उन्होंने कहा कि मेले में इस बार सफाई व्यवस्था अतिक्रमण हो इस पर विशेष फोकस है। इसके लिए सभी व्यापारियों को सहयोग करना होगा। इधर-उधर कचरा पॉलीथिन फेंकने से बीमारियों के साथ-साथ गायों को भी नुकसान होता है, जिसे रोकना होगा। ठेले खोमचे वालों को भी डस्टबिन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मेला सबका है और यहां छोटे व्यापारियों को भी रोजगार मिलता है तो इसमें उनको सहयोग करना चाहिए। निगम प्रशासन द्वारा पहले समझाइश की जाएगी, फिर नहीं मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बैठक में कचरा निस्तारण का तरीका भी बताया गया। झूला मार्केट, हलवाई मार्केट, सॉफ्टी मार्केट, बाजार नंबर एक, दो, फूड कोर्ट बाजार के व्यापारी और अधिकारी मौजूद थे। व्यापारियों ने कहा कि हम भी यही चाहते हैं कि मेला साफ सुथरा रहे इसके लिए हर संभव मदद करेंगे।

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